Carrot ke Fayde in Hindi - गाजर के फायदे
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जानिए गाजर के किया किया फायदे होते हैं
लाल और
मीठी गाजर को देखकर तुंरत हलवे की याद आ जाती है। निश्चित
तौर पर गाजर के इस्तेमाल से बनने वाला हलवा है ही इतना लाजवाब। गाजर न सिर्फ स्वाद
में अच्छी होती है बल्कि इसमें आपको तंदुरुस्त रखने के लिए बहुत सारे खास गुण होते
हैं। यह आपको स्वस्थ रखने के साथ साथ आपकी आंखों की रोशनी को बढ़ाती है। गाजर का
नियमित इस्तेमाल आपके बालों और त्वचा के लिए भी बहुत लाभकारी है। गाजर के ज्यूस को
अपनी रोजाना की डाइट का हिस्सा बना लीजिए क्योंकि यह स्वादिष्ट होने के साथ बहुत
गुणकारी है।
1. गाजर के ज्यूस को खास गुणों से भरपूर बनाने का काम इसमें मौजूद
बीटा-केरोटिन, विटामिंस और पोटेशियम करते हैं। बीटा-केरोटिन
से गाजर विटामिन A का सबसे प्रभावकारी स्त्रोत बनती है। गाजर
से शरीर के इम्यून सिस्टम को ताकत मिलती है। विटामिन A से न
केवल आपकी आंखों की रोशनी बढ़ती है बल्कि गाजर के ज्यूस का नियमित इस्तेमाल दिल की
बीमारियों से भी आपको बचाए रखता है।
2.
गाजर के ज्यूस में होने वाला पोटेशियम शरीर में कोलेस्ट्रोल के स्तर
को कम करता है। गाजर में लीवर को ठीक रखने का भी गुण होता है। पोटेशियम, मैगनीज और मैगनेशियम के साथ मिलकर ब्लड शुगर के स्तर को सामान्य रखता है
और इस तरह से शरीर में डायबीटिज के खतरे को कम करता है।
3 .
ग़ाजर के ज्यूस में विटामिन K होता है जो कि
चोट लगने पर रक्त के थक्के जमने में मदद करता है और खून का बहना रोकता है। विटामिन
K चोट ठीक करने में कारगर है। गाजर में मौजूद विटामिन C
घाव ठीक करने के साथ साथ मसूडों को भी स्वस्थ रखता है।
4.
गाजर के ज्यूस में कैंसर से लड़ने का गुण होता है। इसमें केरोटेनोइड
नाम का एक खास तत्व होता है जिसे प्रोस्टेट, कोलोन, और स्तन कैंसर से लड़ने में बहुत ही कारगर समझा जाता है।
5. गाजर का ज्यूस शरीर में प्रोटीन की कमी को भी पूरा करने के साथ साथ शरीर
को पर्याप्त मात्रा में केल्सियम भी प्रदान करके हड्डियों को मजबूती देता है।
6.
गाजर का ज्यूस लीवर को साफ करता है। शरीर में पैदा होने वाले
विभिन्न तरह के जहर गाजर के ज्यूस के उपयोग से बाहर निकल जाते हैं। गाजर का ज्यूस
लीवर को ताकत देकर उसकी काम करने की क्षमता बढ़ाता है। गाजर का ज्यूस वजन कम करने
में भी मदद करता है।
7. गाजर का ज्यूस बच्चे के गर्भावस्था के लिए खास तौर पर लाभकारी है। इसके
उपयोग से बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य में सुधार आता है।
8.
गाजर के ज्यूस से मां के दूध की गुणवत्ता बढ़
जाती है।
9. गाजर का ज्यूस गर्भ में पल रहे बच्चे को इन्फेक्शंस से बचाए रखता है।
10.गाजर का ज्यूस वजन करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए बहुत कारगर है
क्योंकि इसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है। कम कैलोरी के कारण यह बहुत अच्छा
हेल्दी ड्रिंक है। गाजर का ज्यूस अपने खास गुणों के कारण लगभग सभी डाइट प्लान का
हिस्सा बनता है।
विभिन्न में
गाजर का उपयोग :
1. बांझपन: बांझ स्त्री को गाजर के बीजों की धूनी इस प्रकार दें
कि उसका धुंआ रोगिणी की बच्चेदानी तक चला जाए। जलते हुए कोयले पर गाजर के बीज
डालें। इससे धुंआ होने लगेगा। इसी धूनी को रोगिणी को दें तथा रोजाना उसे गाजर का
रस पिलायें।
2. गर्भावस्था: गर्भावस्था में गाजर का रस पीते रहने से सैप्टिक रोग
नहीं होता तथा शरीर में कैल्शियम की भी कमी नहीं रहती है। बच्चों को दूध पिलाने
वाली माताओं को नियमित रूप से गाजर के रस का सेवन करना चाहिए। इससे उसके दूध की
गुणवत्ता बढ़ती है।
3. दस्त:
- गाजर
का सेवन करने से पुराने दस्त, अपच और संग्रहणी रोग ठीक
हो जाते हैं। गाजर का अचार बनाकर सेवन करने से बढ़ी हुई तिल्ली कम हो जाती है।
- आधे
कप गाजर के रस में थोड़ी-सा सेंधा नमक मिलाकर 1 दिन में लगभग 4 बार
चाटने से दस्त ठीक हो जाता है।
4. यकृत रोग: यकृत के रोग से पीड़ित रोगी को गाजर का रस, गाजर का सूप या गाजर का गर्म काढ़ा सेवन कराने से लाभ
मिलता है।
5. कैंसर: गाजर का रस पीने से कैंसर नष्ट हो जाता है।
ल्यूकोमिया (ब्लड कैंसर) और पेट के कैंसर में यह अधिक लाभदायक होता है।
6. अम्लरक्त: अम्लरक्त के रोग में गाजर का रस पीने से लाभ मिलता
है।
7. हृदय अधिक
धड़कना: हृदय कमजोर
होने पर रोजाना 2 बार गाजर का रस
पीने से लाभ होता है। हृदय की धड़कन बढ़ना तथा शरीर का खून गाढ़ा होने पर गाजर का
सेवन करने से लाभ मिलता है।
8. घी, तेल, चिकनी चीजों का न पचना: 300 मिलीलीटर गाजर का रस और 150 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर सेवन करने से घी, तेल और चिकनी चीजें पचने लगेगी।
9. बड़ी आंत की
सूजन: बड़ी आंत में
सूजन आ जाने पर रोग को ठीक करने के लिए 200
मिलीलीटर गाजर का रस, 150 मिलीलीटर
चुकन्दर का रस और 150 मिलीलीटर खीरे
का रस मिलाकर पीने से लाभ मिलेगा।
10. नाक और गले के
रोग: 250 मिलीलीटर गाजर
और पालक का रस रोजाना पीने से नाक और गले के रोग ठीक हो जाते हैं।
11. दांतों के रोग:
- 70 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना पीने से
मसूढ़ों और दांतों में रोग पैदा नहीं होते और दांतों की जड़ें मजबूत हो जाती
है।
- दांतों
को मजबूत करने के लिए गाजर का रस रोजाना पीयें। इससे दांतों की जड़े मजबूत
होते हैं तथा दांत का हिलना बंद हो जाता है।
12. सांस में
दुर्गंध आना: गाजर, पालक और खीरे का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से
सांस से बदबू नहीं आती है।
13. पेशाब में धातु
का आना: 250 मिलीलीटर गाजर
का रस रोजाना 3 बार पीने से
पेशाब में धातु आना बंद हो जाता है।
14. खून में लाल
कणों की कमी होना: 250 मिलीलीटर गाजर
का रस और पालक का रस मिलाकर पियें। इससे शरीर के खून में लाल कणों की वृद्धि होती
है तथा इसके साथ ही इसके सेवन से कई प्रकार के रक्त चाप, फोड़ा,
गुर्दे के रोग जैसे पेशाब बूंद-बूंद आना,
पेशाब कम होना, पेशाब में सफेद
पदार्थ आना, सांस की नली
में सूजन, कैंसर, मोतियाबिन्द,
सर्दी, जुकाम, कंठमाला (घेंघा रोग) और बवासीर आदि रोग भी दूर हो
जाते हैं।
15. पित्ताशय की
पथरी:
- 250 मिलीलीटर गाजर का रस और सलाद के
पत्तों का रस मिलाकर पीने से पथरी गलकर पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है और
रोगी को अधिक आराम मिलता है।
- गाजर
का रस प्रतिदिन सुबह-शाम पीयें। इससे पित्ताशय में होने वाली पथरी गलकर पेशाब
के रास्ते बाहर हो जाएगी।
- गाजर
का रस पीने से पित्ताशय की पथरी कट-कट बाहर निकल जाती है और इसके पत्तों का
सलाद इस रोग को ठीक करने के लिए उपयोग में ले सकते हैं।
16. गुर्दे की
पथरी:
- गुर्दे
की पथरी तथा मूत्राशय की सूजन को ठीक करने के लिए तथा गुर्दो की सफाई के लिए 150 मिलीलीटर
गाजर, चुकन्दर, ककड़ी
या खीरे का रस मिलाकर पीने से लाभ मिलता है। गुर्दे और मूत्राशय की पथरी को
गाजर का रस तोड़कर पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देता है।
- गाजर
का रस रोजाना 3-4 बार पीने से पथरी निकल जाती है।
गाजर के बीजों को पीसकर फंकी लेने से भी पथरी गलकर बाहर निकल जाती है।
- मोटी
मूली को खोखला करके इसमें गाजर और शलगम के 1-1 चम्मच बीजों को भर दें।
मूली के मुंह को बंद करके आग में भून लें। मूली से बीजों को निकालकर प्रतिदिन
सुबह-शाम पानी के साथ 1 महीने तक खाने से पथरी
का रोग ठीक होने लगता है।
- गाजर, मूली
तथा शलगम का बीज 5-5 ग्राम को पीसकर चटनी बना लें।
प्रतिदिन सुबह-शाम 3-3 ग्राम चटनी पानी के साथ 15 दिन
तक लें। इससे पथरी गलकर निकल जाती है।
17. गुर्दे के रोग तथा सूजन: 2
चम्मच गाजर के बीज को 1 गिलास पानी में
डालकर उबालकर पीने से पेशाब ज्यादा आता है जिसके फलस्वरूप गुर्दे के कई रोग ठीक हो
जाता है और सूजन भी दूर हो जाती है।
18. रक्तस्राव: गाजर किसी भी अंग से बहने वाले खून बहने से रोकती
है।
19. फोड़े-फुंसियां:
- फुंसियों
पर बांधने से ये जल्दी ठीक होने लगते हैं। यह फोड़े- फुंसियों के जमे हुए खून
को भी पिघला देती है।
- गाजर
को उबालकर उसकी चटनी बना लें और फुंसियों पर लगाऐं इससे लाभ मिलेगा।
20. आग से जलना:
- कच्ची
गाजर को पीसकर आग से जले हुए स्थान पर रखने से जलन नष्ट हो जाती है और पीब भी
नहीं बनती है।
- आग
से जल जाने पर जले हुए स्थान पर गाजर का रस लगाने से जख्म नहीं बनता तथा जलन
व पीड़ा दूर हो जाती है।
- शरीर
के जले हुए भाग पर कच्ची गाजर का रस बार-बार लगाने से लाभ होता है।
- आग
से जले हुए व्यक्ति की जलन और दर्द को दूर करने के लिए गाजर को पीसकर लगाना
चाहिये।
21. सीने का दर्द: गाजरों को उबालकर उसमें शहद मिलाकर सेवन करने से
सीने का दर्द समाप्त हो जाता है।
22. घुटने का दर्द: गाजर का रस संधिवात और गठिया के रोग को ठीक करने में
लाभकारी है। गाजर, ककड़ी और
चुकन्दर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से जल्दी लाभ होता है।
23. दिमागी थकान: रोजाना सुबह के समय 6-7
बादाम खाकर तथा इसके बाद 125
मिलीलीटर गाजर का रस व 500 मिलीलीटर गाय
का दूध मिलाकर पीने से स्मरण शक्ति बढ़ती है जिसके फलस्वरूप दिमागी थकान भी दूर
होती है।
24. कैंसर (कर्कट)
रोग:
- 310 मिलीलीटर गाजर का रस, मिलीलीटर
ग्राम पालक का रस मिलाकर प्रतिदिन 3 बार पीने या गाजर का रस
दूध में मिलाकर पीने से कैंसर को ठीक होने लगता है।
- 1 गिलास गाजर के रस में 2 चम्मच
शहद डालकर रोजाना सेवन करने से कैंसर रोग ठीक होने लगता है।
- गाजर
का रस दूध में मिलाकर पीने से सिर दर्द, बुखार और कैंसर ठीक होने
लगता है तथा खून में लाल कणों की कमी भी दूर हो जाती है।
- काली
गाजर के रस का सेवन करने से ब्लाड कैंसर, पेट के कैंसर ठीक होता
है।
25. आंत की सूजन : बड़ी आंत की सूजन को ठीक करने के लिए 180 मिलीलीटर गाजर का रस,
150 मिलीलीटर चुकन्दर का रस तथा 160
मिलीलीटर खीरे का रस मिलाकर पीने से लाभ मिलेगा।
26. बच्चों की
दुर्बलता: कमजोर बच्चे को
2-3 चाय के चम्मच
गाजर का रस रोजाना पिलाने से वे हष्ट-पुष्ट हो जाते हैं। स्वस्थ बच्चों को भी गाजर
का रस पिलाने से बच्चे के शरीर में ताकत की वृद्धि होती है। जिन बच्चों को जन्म से
ही गाजर का रस दिया जाता है। वे कभी बीमार नहीं पड़ते हैं। दूध के साथ गाजर का रस
पिलाने से बच्चों का विकास तेजी से होता है।
27. मासिक-धर्म: यदि मासिक धर्म न आता हो तो 2 चम्मच गाजर के बीज और 1 चम्मच गुड़ को 1
गिलास पानी में उबालकर रोजाना सुबह-शाम दो बार गर्म-गर्म पियें तो इससे
मासिकधर्म में होने वाला दर्द भी दूर हो जाता है।
28. शक्तिवर्द्धक: गाजर में विटामिन-ई पर्याप्त मात्रा में पाया जाता
है तथा इसका सेवन करने से शरीर में शक्ति की वृद्धि होती है।
29. कोष्ठबद्धता
(कब्ज): गाजर के रस का
रोजाना सेवन करने से कोष्ठबद्धता (कब्ज) दूर हो जाती है।
30. अल्सर: गाजर के 150
मिलीलीटर रस में 100 मिलीलीटर पालक
का रस और 50 मिलीलीटर गोभी
का रस मिलाकर पीने से अल्सर रोग ठीक हो जाता है।
31. खून की कमी
(एनीमिया):
- शरीर
में खून की कमी से पीड़ित रोगियों को 200 मिलीलीटर गाजर के रस में
100 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पिलाने
से अधिक लाभ मिलता है।
- 100 मिलीलीटर गाजर का रस और 30 मिलीलीटर
चुकन्दर का रस मिलाकर प्रतिदिन पीयें। इससे शरीर में खून की कमी दूर होती है।
32. मानसिक तनाव: 250 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना पीने से मानसिक तनाव दूर
होता है आफिसों में काम करने वाले स्त्री-पुरुषों,
परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों और दूसरे मानसिक कार्य करने वालो को
गाजर का रस लाभकारी है।
33. हिचकी: गाजर के रस 4-5
बूंद नाक के दोनों छेदों में डालें इससे हिचकी दूर होती है। हिचकी को दूर
करने के लिए गाजर को पीसकर सूंघने से लाभ मिलता है।
34. दांतों के रोग: 70 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना पीने से मसूढ़ों और
दांतों में रोग पैदा नहीं होता है इससे दांतों की जड़ें मजबूत होती है।
35. नपुंसकता:
- गाजर
का हलवा रोज 100 ग्राम खाने से सेक्स की क्षमता बढ़ती
है।
- रोज
गाजर का रस 200 मिलीलीटर पीने से मैथुन-शक्ति बढ़ती
है।
- गाजर
का रस शहद के साथ लेने से वीर्य गाढ़ा होता है और नपुंसकता (नामर्दी) दूर होती
है।
36. दमा (सांस का
रोग):
- गाजर
का रस 180 मिलीलीटर, चुकन्दर
का रस 150 मिलीलीटर, खीरा
या ककड़ी का रस 125 मिलीलीटर मिलाकर पीने से दमा में
अधिक लाभ होता है। दमा रोग को ठीक करने के लिए गाजर अथवा इसका रस दोनों ही
लाभकारी है।
- रोजाना
एक गिलास गाजर का रस गर्म करके पीने से दमा रोग में आराम मिलता है।
- रोजाना
सुबह और दोपहर को 1-1 गिलास गाजर का रस पीने से दमा रोग
ठीक होने लगता है। इसका 10-15 दिनों तक प्रयोग करना
चाहिए। लंबे समय तक गाजर का रस पीते रहने से शरीर को कभी भी हानि नहीं होती
है।
37. बालों का सफेद
होना:
- गाजर
का रस रोजाना प्रयोग करने से बाल सफेद नहीं होते और जिसके सफेद बाल है वे
काले भी होने लगते हैं।
- रोजाना
गाजर का रस पीने से बाल काले और सून्दर तथा चमक्दार हो जाते हैं।
38. आंखों का रोग:
- गाजर
का रस पीने से रतौंधी, दृष्टिहीनता और आंखो के दूसरे रोग
समाप्त होते है। इसमे विटामिन `ए´ भी
है।
- गाजर
के रस मे पालक का रस मिला कर सेवन करने से मोतियाबिन्द मे लाभ होता है।
- आंखों
की रोशनी बढ़ाने के लिये गाजर का मुरब्बा खायें। इसका रोजाना सेवन करने से
रतौंधी, मोतियाबिन्द और आंखों की सूजन आदि
रोग नहीं होता है।
- लगभग
125 मिलीलीटर गाजर और खीरे का रस बराबर
मात्रा में मिलाकर पीने से आंखों की रोशनी तेज हो जाती है।
- हरे
पत्ते वाली सब्जियां और गाजर खाने से आंखों की रोशनी तेज होती है।
39. मोतियाबिन्द: लगभग 300
मिलीलीटर गाजर के रस मे 125 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पीने से मोतियाबिन्द दूर
हो जाती है।
40. रतौंधी (रात
में न दिखाई देना):
- 200 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना पीने से
शरीर में ताकत तो बढ़ती ही है साथ में रतौंधी के रोग से भी मुक्ति मिलती है।
- रतौंधी
के रोग में गाजर का रस और दूध पीने से अधिक लाभ मिलता है।
41. सूखी खांसी: 300 मिलीलीटर गाजर का रस और 125 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पीने से श्वांस (सांस)
नली की सूजन (ब्रोंकाइटिस) में बहुत अधिक लाभ मिलता है। गाजर सूखी खांसी को ठीक
करने में बहुत अधिक उपयोगी है।
42. गैस्ट्रिक
अल्सर:
- गाजर
के रस को शहद के साथ रोजाना दिन में तीन बार पीने से पक्काशय में होने वाले
घाव ठीक हो जाते हैं।
- गाजर
का रस पीने से वमन (उल्टी) ठीक हो जाती है।
- गाजर
का रस में किशमिश का रस मिलाकर पीने से आराम मिलता है।
43. कब्ज:
- गाजर, मूली, प्याज, टमाटर, खीरा, व
चुंकदर का सलाद बनाकर इसमें नींबू का रस और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से
कब्ज़ (कोष्ठबद्धता) में लाभ होता है।
- गाजर
या संतरे के 200 मिलीलीटर रस को दिन में 2-3 बार
पीने से कब्ज़ (कोष्ठबद्धता) मिटती है।
- कच्ची
गाजर 250 ग्राम को रोजाना खाली पेट खाने से
कब्ज नहीं होती है तथा भूख अच्छी तरह लगती है।
- गाजर
व हरड़ का मुरब्बा खाने से पेट में गैस नहीं रूक पाती है।
44. स्तन में दूध
की कमी:
- दूध
पिलाने वाली माताओं को गाजर का रस पिलाने से उनके स्तनों में दूध कमी दूर हो
जाती है।
- गाजर
का रस तथा भोजन के साथ कच्चे प्याज का सेवन करने से स्तनों में दूध की वृद्धि
होती है।
45. मसूढ़ों का रोग:- 70 मिलीलीटर गाजर का रस प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से
मसूढ़ों का रोग ठीक हो जाता है।
46. सिर की रूसी: गाजर को कुचलकर बालों की जड़ों और माथे पर रगड़ने से
रूसी मिट जाती है।
47. वमन (उल्टी): गाजर के रस में शहद मिलाकर
पीने से खून की उल्टी आना बंद हो जाती है।
48. गर्भ में मरे
हुए बच्चे का दोष दूर करना:
- गाजर
के बीजों की धूनी को योनि में देने से गर्भ में मरे हुए बच्चे से उत्पन्न दोष
(विकार) नष्ट हो जाते हैं।
- गाजर
के बीज और कबूतर की विष्टा को आग में डालकर योनि में धुंआ देने तथा सांप की
केंचुली की धुंआ देने से मरा हुआ बच्चा गर्भ से बाहर निकल जाता है।
49. पेट में गैस का
बनना:
- गाजर
का रस एक कप, शहद 2 चम्मच की मात्रा में तथा
थोड़ी-सी मात्रा में काला नमक मिलाकर खाने से आराम मिलता है।
- आधा
कप गाजर का रस और 2 चम्मच पत्ता गोभी का रस मिलाकर सेवन
करने से पेट का गैस दूर हो जाती है।
50. गर्भावस्था की
कमजोरी: आधा गिलास गाजर
का रस, आधा गिलास दूध
व स्वादानुसार शहद मिलाकर प्रतिदिन पीने से गर्भावस्था की कमजोरी दूर होती है।


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